कैसे जगाएं अपने भीतर पृथ्वी की शक्ति ?

कैसे जगाएं अपने भीतर पृथ्वी की शक्ति ?

हम ये तो जानते हैं की किस प्रकार पंचतत्व हमारे शारीरिक अस्तित्व को बनाते हैं, पर क्या आपको अनुमान है की हर तत्त्व हमारी सोच, हमारी प्रकृति, हमारा व्यवहार और हमारा भविष्य तक निर्धारित करता है।

आइए, आज सर्व प्रथम पृथ्वी तत्त्व के असंतुलन से हमारे जीवन में होने वाले बदलाव व हमारे भीतर माँ पृथ्वी की शक्तियों को गहराई से जाने।

पृथ्वी तत्त्व हमारे शरीर को आकार देने के आलावा अन्य कई शक्तियां प्रदान करता है। ये शरीर हमारी सबसे महत्वपूर्ण पूँजी है, इसी से हमारी आत्मा जुडी हुई है। यह हमारा मूल आधार है। इसके छूटते ही हमारी आत्मा भी हमें छोड़ देती है। जब तक मूल ही शक्तिहीन होगा, हमें कोई भी नकारात्मक आंधी आकर पल में बिखेर देगी। इसलिए इस तत्त्व का संतुलन में रहना अति आवश्यक है। यह पृथ्वी तत्त्व हमें धरती की भाँती मज़बूत चरित्र देता है। हमारी जड़ों को इतना सशक्त करता है की किसी का भी रूप, रंग या सौंदर्य फिर हमारे क़दमों को डगमगा नहीं सकता । यदि इंसान अपने चरित्र पर ही नियंत्रण खो दे, तो उसे कोई भी मनुष्य, कोई भी माया, लालच, नाम, काम, अपराध सब अपने नियंत्रण में कर सकते हैं और फिर वह आजीवन इसी माया जाल के नियंत्रण में डोलता रह जाता है।
पृथ्वी तत्त्व के सशक्त होने से हमारे मन को कोई अशुद्ध विचार भेद नहीं पाता और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारी नींव, हमारा आधार बलवान हो जाता है। पृथ्वी तत्त्व हमारे मूल के आधार को बल प्रदान करता है।

“पृथ्वी माँ का एक लक्षण जो हम में ध्यान के बाद आजाता है , वह है ‘गुरुत्वाकर्षण’। इससे वह मनुष्य बहुत ही आकर्षक प्रतीत होता है, तन से नहीं, पर आध्यात्मिकता से। इसके अलावा उसमे बहुत धैर्य व सहनशीलता आ जाती है। ” (१९९८, दिल्ली)

कितनी कमाल की बात है कि सब गन्दा कचरा कूड़ा भी पृथ्वी में खाद बन कर स्वच्छ व शुद्ध होजाता है, धरती पर सब अपने पैर रख कर चलते हैं, फिर भी कोई अशुद्धता धरती माँ को छू भी नहीं पाती, हमें भी पृथ्वी तत्त्व ऐसी शुद्धता प्रदान करता है। हमारे शरीर व हमारे विचार स्वतः ही पूर्णतः शुद्ध हो जाते हैं।

इसके साथ ही पृथ्वी तत्त्व की मज़बूती हमें सभी नकारात्मक शक्तियों के विरुद्ध धरती के समान कठोरता प्रदान करती है। कड़ी से कड़ी परिस्थिति में भी एक योद्धा की भाँती हमारे कदम नहीं डगमगाते, हमारे व्यवहार और चित्त में इतनी स्थिरता हमें पृथ्वी की शक्तियां ही प्रदान करती हैं।

अब आप अनुमान लगा सकते हैं, की इस तत्व की शक्तियां जागृत करना आपके चरित्र, शुद्धता, आपकी स्थिरता व लक्ष्य के प्रति एकाग्रता के लिए कितना आवश्यक है। लेकिन इसे संतुलित करना केवल ध्यान साधना के बाद ही संभव हो सकता है। यदि आप भी अपने भीतर इन्हे जगाना चाहते हैं तो हमें 18002700800 या हमारी website www.sahajayoga.org.in पर संपर्क करें।

Himshweta

Himshweta is a writer, life coach & a stage performer. She writes poetries, articles, lyrics, dialogues, scripts, advertisements etc. Her writings have helped many people view life & the world from a different perspective which is not just positive but enlightening as well. What makes her writings different from everybody is that they hold a blend of philosophy, spirituality and psychology. _To book a life coaching session with Himshweta, fill this form :- https://forms.gle/pLAmxgLzjQpKcRyf8_

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